बच्चो के झूठ बोलने की आदत को कैसे करें कम

झूठ बोलने की आदत

बच्चो मे झूठ बोलने की आदत बहोत आम होती है, लेकिन परेशानिया तब उतपन्न होती है जब ये आदत बढ़ने लगे। हालाकी ज्यादातर माता-पिता इस आदत को अनदेखा कर देते है जो बाद मे उनके लिए एक मुसीबत का सबक बन सकता है। अगर झूठ बोलने की इस आदत को समय रहते ना सुधारा गया तो यह सिर्फ पैरेंट्स के लिए ही नही समाज व खुद उसके भविष्य के लिए भी खतरनाक साबित होगा। कहा जाता है की बच्चे उस मिट्टी की तरह होते है जिन्हे किसी भी आकार मे ढाला जा सकता है इसीलिए झूठ बोलने की इस आदत को समय रहते शुरुआत में ही खत्म कर देना चाहिए। 

आप इन तरीको को अपनाकर आप अपने बच्चों को झूठ की तरफ बढ़ने से रोक सकते है। 

आराम से पूछे

किसी भी बच्चे का झूठ बोलना उसके डर को दर्शाता है मतलब उसे डर है की अगर उसने सच बोला तो डांट खानी पड़ेगी। इसलिए अगर आपको कुछ भी पूछना हो तो बड़े आराम से पूछे ताकी उसे डर का एहसास ना हो ऐसा ना लगे की उसने कोई बड़ी गलती की हो। 

बच्चो को उनकी गलती बताए

क्या सही है और क्या गलत ये बात एक छोटे से बच्चे को पता नही होती इसलिए उसे बताए की ये गलत है और उसने ये गलती की। साथ मे ये भी बताए की इस गलती से क्या सीख मिली ताकी वे उसे दोबारा ना दोहरा सके। धीरे-धीरे जब वह अच्छे व बुरे मे फर्क करना सीखेगा तो खुद झूठ बोलने से कतराएगा। 

झूठ बोलने के नुकसान

अगर आपका बच्चा झूठ बोलता है तो उसे झूठ बोलने के क्या नुकसान हो सकते है यह जरूर बताए। उसे बताए की क्या करना चाहिए और क्या नही। अगर बच्चो को पता होगा की भविष्य मे इसके दुखद परिणाम हो सकते है जैसे- उनका कोई दोस्त नही होगा या कोई बात नही करेगा तो वो जरूर समझेंगे। 

सच बोलने के फायदे

झूठ के नुकसान के साथ-साथ सच्चाई के राह पर चलाना भी सिखाए । क्योकी उन्हे आपने बता तो दिया की झूठ बोलने से ये नुकसान हो सकते है पर सच बोलने के फ़ायदों के बारे मे भी बताना ना भूले। उन्हे बताए की सच बोलने से लोग आपको पसंद करेंगे इसके अलावा आप चाहे तो सच बोलने पर इनाम दे सकते है या Thank you बोलकर गले लगा सकते है। 

अपने झूठ मे बच्चो को शामिल ना करें

बच्चे सबसे पहले अपने माता–पिता या घर मे उपस्थित बड़ो से सीखना शुरू करते है। और देखा जाए तो झूठ बोलना भी हमसे ही सीखते है या ऐसा कहे की हम ही सिखाते है तो गलत नही होगा। क्योकी कई बार हम बच्चो से कहते है की कोई पूछे तो कह देना पापा घर पर नही है। इसलिए ऐसे मामलो मे बच्चो को दूर रखे तो ही ठीक होगा। 

गलतिओ को करे माफ

बच्चो को कुछ भी सीखने मे थोड़ा time लगता है इसलिए गलतिया तो होंगी ही जिसमे काँच टूटना या आपका पसंदीदा जार फूटना आम बात है। ऐसे मे जाहिर सी बात है की हम गुस्से मे पूछेंगे की जार किसने तोड़ा और सीधा जा जवाव होगा झूठ। यहाँ पर सिर्फ बच्चो की बात नही है कोई भी डर के कारण अपनी गलतिया दूसरो पर डालने की कोशिस करेगा। इसलिए आप इन परिस्थियों मे उसे प्यार से समझा सकते है। 

 

veerendra

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