मर्दो की ये 10 खूबियाँ बनाती है उन्हे असली मर्द

 

मर्द की ये 10 खूबियाँ

कहते है की मर्द को दर्द नही होता इस बात मे कितनी सच्चाई है हम अच्छी तरह से समझते है। क्या आप भी यही सोचत है की जिसे दर्द नही होता वो ही असली मर्द है। मर्द या पुरुषत्व की कई अलग-अलग परीभाषाए है पर सही मायानों मे उनके अंदर मौजूद कुछ विशेष गुण ही उन्हे सही पौरुषत्व प्रदान करते है ये खूबिया ऐसी है की जो हर असली मर्दो के अंदर होनी ही चाहिए। तो चलिये जानते है कौन से है वो 10 खूबियाँ जो स्त्रियों को मर्दो के अंदर बहोत पसंद आती है।

मर्दो की ये 10 खूबियाँ बनाती है उन्हे असली मर्द

संयमित भाषा का प्रयोग—आज के समय मे अश्लील भाषा का प्रयोग बहोत ही आम हो गया है और लोग इनका उपयोग कभी-कभी अपनी मरदानगी को शाबित करने के लिए भी करते है। लेकिन याद रखे असली मर्द इन शब्दो का प्रयोग खुद को बड़ा शाबित करने के लिए नही करता क्योकी वो स्त्रियों का सम्मान करना जानता है और यह भी जानता है की माँ-बहन की गाली, व स्त्री अंग सूचक गालीओ का प्रयोग उसके व्यक्तित्व को ठेस पहुचाते है व समाज मे भी एक नकारात्मक प्रभाव छोड़ते है।

अपने क्रोध पर नियंत्रण—क्रोध या गुस्सा हर बड़े से बड़े व्यक्ती को भी जमीन पर ला पटकता है इसलिए अपने गुस्से को नियंत्रित करना सीखना चाहिए क्योकी गुस्सा हमसे सोचने व समझने की शक्ती छीन लेता है। बहोत से लोग है जो अपने गुस्से को मर्दानगी का प्रतीक मानते है और इस पर गर्व करते है कही आप भी तो इनमे शामिल नही? अगर है तो आपको सचेत रहने की जरूरत है क्योकी क्रोध करने से लोगो के अंदर आपके प्रती डर पैदा हो जाता है और वे आपका सम्मान करना बंद कर देते है। याद रखे क्रोध एक धारदार तलवार की तरह है जो सिर्फ काटने का काम ही करती है।

शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन—शक्ती का प्रदर्शन मर्दानगी का सबसे बड़ा हिस्सा है अगर आप कमजोर है तो आपको मर्द नही कहा जा सकता ऐसी बाते बहोत सुनने को मिल सकती है पर मर्दानगी तो उससे है की आप अपनी शारीरिक शक्तियों को प्रयोग कहाँ और कैसे करते है। याद रखे जो कमजोरो पर शक्ती का प्रदर्शन करता है वो एक असली मर्द नही, कमजोरों की रक्षा व सहायता करने का गुण ही आपको एक असली मर्द बनाती है। समाज मे कई ऐसे लोग है जो स्त्रियों पर शक्ती के प्रदर्शन को पौरुषत्व मानते है और बलात्कार जैसे घृणित काम करते है ये सिर्फ एक बीमारी की तरह है जिन्हे समाज से काटकर अलग कर देना चाहिए।

घर के छोटे-छोटे कामो मे मदद करना—घर की साफ-सफाई करना, समान को ठीक तरह से व्यवस्थित करना ऐसे बहोत से छोटे-छोटे काम होते है जो हम घर की औरते जैसे माँ-बहनो पर छोड़ देते है। हमे इन सब कामो को करना बकवास लगता है पर छोटे-छोटे काम ही स्त्रियों की नजारो मे आपको ऊपर उठा देतीं है और आप सम्मान के पात्र बन जाते है। घर के कामो को करना कोई शरम जैसी बात नही होती।

खाना बनाना—कई रुधीवादी लोगो का मानना है की पुरुषो को रशोई मे कदम नही रखना चाहिए ये पुरुषो को शोभा नही देता पर याद रखे की खाना बनाने वाले पुरुष महिलाओ को बहोत पसंद आते है। एक स्वादिष्ट व्यंजन बनाना कला है और आप इसे सीख सकते है। समय बदल रहा है महिलाए पुरुषो के क्षेत्र मे काम कर रही है तो आपको भी इसे आजमाना चाहिए।

दूसरो का सम्मान—जो दूसरो का सम्मान करना जानते है उन्हे ही सही मायनो मे सम्मान मिलता है व उसके हकदार होते है। इसलिए दूसरो का सम्मान करना चाहिए भले ही वह आपसे छोटा इंसान हो या कोई भी जाती धर्म से हो। सबका सम्मान करें बड़े बूढ़ो का, स्त्रियों का यहाँ तक की अपने से उम्र मे छोटों तक का ये सब आपको विशेष व्यक्तित्व प्रदान करते है।

दूसरे की बातों को महत्व देना—हमेशा अपने-आप मे रहना व अपना ही गुणगान करना सही नही है और अगर आप दूसरो की बातो को महत्व नही देते तो आपके संबंधी भी आपसे संबंध रखना ही छोड़ देंगे। अगर सामने वाला व्यक्ती आपको सुन रहा है तो आपको भी उसे सुनना चाहिए उसे महत्व देना चाहिए। आप ही सोचिए जब कोई आपको महत्व नही देता तो आप स्वाभाव उस व्यक्ती के प्रती रूखा हो जाता है। यह सही है की हर व्यक्ती की सोंच अलग है लेकिन यह नही कहा जा सकता की वो गलत है अगर गलत है तो समझा सकते है पर पूरी बात सुनने के बाद ठीक तरह से।

सच्चाई स्वीकार करें—अगर आपके सामने कोई आपकी बुराई करता है तो आप उस पर विचार कर सकते है की सच मे आप ऐसे है? अगर है तो अपने स्वाभाव को कैसे बदले ताकी लोग आपको पसंद करें। आप चाहे तो इस पर सामने वाले व्यक्ती से बात भी कर सकते है आपकी स्वीकार करने की आदत आपको आंगे बढ़ने मे मदद करेगी। जो लोग अपनी गलतियो को स्वीकार कराते है व बनावटी होने का ढोंग नही करते लोग उन्हे बेहद पसंद करते है।

विवेक व बुद्धी का सही उपयोग—हमारे जीवन मे कई ऐसे छोटे-छोटे पल आते है जहाँ आपको धैर्य से काम लेना होता है विवेक व बुद्धी का सही उपयोग करना होता है। क्योकी हमारे जीवन मे आए दिन हादसे होते रहते है जहाँ गुस्सा भी आता है और मरने-मारने जैसी स्थिती पैदा हो जाती वहाँ आप चाहे तो उस स्थिती को अपने कंट्रोल मे ले सकते है अगर आपने विवेकपूर्ण काम किया व अपनी बुद्धी लगाई। हर जगह शक्ती का प्रयोग नही किया जा सकता बल्की विवेक और बुद्धी का सही प्रयोग ही पुरुषत्व की पहचान है।

सहयोगी बनें ‘बॉस’ नहीं—जो लोग दूसरो को आदेश देते रहते है या अपना धौंस जमाते रहते है ऐसे लोग खुद को मर्द समझ सकते है पर दूसरो की नजरो मे सम्मान नही पा सकते। इसलिए आदेशनात्मक रवैया हटाये और सहयोगी बनाने की कोशिस करें लोगो की मदद करें। याद रखे जो लोग दूसरो की मदद करते है उनकी मदद के लिए लोग हमेशा तैयार रहते है।

ये है एक मर्द होने की 10 खूबिया, अगर आपके अंदर ये खूबिया है तो लोगो का आपके प्रती रवैया आपके सम्मानीय हो जाएगा वे आपकी प्रसंसा करेंगे। और अगर आपको लगता है की कुछ और भी खूबिया है जो एक मर्दानगी की पहचान है तो comment के जरिए बताए।

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