क्या आप जानते है बारिश होने पर भीनी-भीनी खुशबू क्यो आती है

क्या आप जानते है बारिश होने पर भीनी-भीनी खुशबू क्यो आती है

पहली बारिश के सूखी मिट्टी पर पड़ने से एक अद्भुत सुगंध क्यों आती है और यह सुगंध क्या है?

बारिश हम सब को पसंद होती है लेकिन जब इसकी बुँदे जमीन पर पड़ती है तो चारो ओर एक भीनी-भीनी या ये कहें की सोंधी-सोंधी सी खुशबू छा जाती है जो हमे मदहोस करने के लिए काफी है। कई लोगो को ये गंध इतनी अच्छी लगती है की वे इसका आनंद लेने के लिए गाँवो व जंगलो का रुख अपना लेते है ताकी मिट्टी की इस खुशबू का पूरा मजा लें पाए

आपने भी बारिश की इस अपरिचित खुशबू का भरपूर मजा लिया होगा जो आपके जहन मे बस जाती है लेकिन क्या आपने कभी सोचने या जानने की कोशिस की ये खुशबू उतपन्न कैसे होती है या फिर कहाँ से आती है, इसकी वजह क्या है? अगर आप भी जानना चाहते है तो बता दें की इस पर वैज्ञानिकों की बहोत सालो से रिसर्च चल रही थी व इसका कारण भी निकाल लिया गया है। क्या है यह कारण चलिए जानते है

बारिश मे निकलने वाले इस सौंधी खुशबू को वैज्ञानिक “petrichor” कहते हैं और यही इस खुसबू को बिखेरती रहती है। पेट्रीकोर दो शब्दो से मिल कर बना है जिसमे पहला शब्द पेट्रा है जिसे ग्रीक भाषा से लिया गया है। petra का मतलब होता पत्थर और दूसरा शब्द है ichor जिसका मतलब होता है देवताओ की नसो मे खून बनकर बहने वाला देवीय तरल पदार्थ। पेट्रीकोर शब्द का उपयोग पहली बार 1964 मे आस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों द्वारा किया गया था जब मे मौसम का अध्यन कर रहे थे।

Why is the scent when it rains

 

कैसे आती है बारिश मे सोंधी-सोंधी सी खुशबू

ऐसा होता है जमीन मे पाए जाने वाले बैक्टिरिया ( एक्टिनोमायसीट / Actinomycetes ) और पौधो के कारण। कुछ पौधे गर्मीयों मे पानी ना मिलने के कारण सूख जाते है जिसके कारण उनके अंदर से एक तेल निकलता है जो हवा मे मिल जाता है और पानी की बुंदों के सांथ मिलकर महक पैदा करते है। इसके आलावा जमीन मे स्थित बैक्टिरिया एक्टिनोमायसीट अपने बीजाणु (spores) को फैला देते है जिसके कारण जब बारिश होती है तो ये उनके साथ प्रतीक्रिया करते है व वातावरण मे खुशबू छा जाती है। मिटटी में पैदा हुए इन बिजाणुयों में ही मिटटी की ये एक खास गंध होती है जो आमतौर पर पहली बारिश के बाद ही ख़त्म हो जाते हैं इसीलिए आपने महसूस किया होगा की ये गंध पहली बारिश में ही आहसास की जा सकती है।

इसके अलावा एक और कारण भी बताया जाता है कहा जाता ही की जब बारिश होती है तो वायुमंडल मे उपस्थित कुछ गैसे पानी के सांथ मिलकर क्रिया कर लेतीं है जिसके कारण यह खुशबू उत्पन्न होती है इसमे क्लोरीन की अच्छी गंध होती है।

कैसे होती है ये क्रिया

barish me mahak kyo aati hai

जब कभी हल्की या मद्धम बारिश होती है और वो छिद्रयुक्त सतह (मिट्टी) पर गिरती है तो पानी की बूंदे चपटी हो जाती है उस समय हवा और पानी के बूंदों के बीच एक हल्की सी हवा की परत बन जाती है। इसी अवस्था मे पानी की बूंदे बहोत से छोटे-छोटे कणो को बाहर निकालती हैं जिसे “एयरोसोल” कहते हैं वैज्ञानिकों के अनुसार यही एरोसॉल सौंधी-सौंधी खुशबू बिखेरने का काम करते है। एयरोसोल किसी स्प्रे की तरह है जो हमे एक अच्छा अनुभव देती है। पानी की इन सूक्ष्म बौछारों की स्पीड ३६ किलोमीटर /घंटा तक हो सकती है।

शोधकर्ताओ का मानना है की जब बारिश एक दम अचानक से तेज गिरने लगे तो यह गंध नही फैलेगी इसके अलावा अगर मिट्टी की सतह चिकनी हो तो भी यह महक नहीं फैलती। पहली बारिश मे ही यह आनंदायक महक का अनुभव किया जा सकता है इसके बाद इसका असर ख़त्म हो जाता है।

आप आपको पता चल गया होगा की पहली बारिश मे भीनी-भीनी खुशबू क्यो आती है। अब इसका आनंद लीजिए और अपने दोस्तो को भी बताइए उन्हे भी जानकार अच्छा लगेगा।

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