Different tea types and there benefits

चाय भारत का सर्वाधिक पेय पदार्थ है इसके अलावा ये पूरी दुनिया मे भी बहुतायत रूप से पसंद किया जाता है। कहा जाता है की भारत मे दो ही चीजे फ्री मे मिलती है एक राय और दूसरी चाय। आप भारत के किसी भी कोने मे चले जाए मेहमान नवाजी की शुरुआत चाय से ही होती है।

कहा जाता है की जब तक दिन शुरुआत एक कप चाय की प्याली से ना हो तो शरीर मे ताजगी का एहसास नही होता। इसलिए कुछ लोग दिन मे कम से कम दो बार चाय का सेवन जरूर करते है हालाकी कई लोग इसे हानिकारक भी मानते है। आज भले ही पूरे भारत मे चाय की खपत ज्यादा हो पर एक समय ऐसा था जब कुछ क्षेत्रों मे ही इसका उपयोग होता था।

Different tea types and there benefits

 

1814 मे भारत घूमने आए अंग्रेज यात्रीओ की नजर असम के उन झाड़ियो पर पड़ी जिनका पेय पदार्थ बनाकर स्थानीय लोग पिया करते थे। उन्होने इसे गौर से देखा व एक व्यापार के उद्देश्य से मौका तलासने लगे। इसके बाद असम मे चाय के बागान लगाए गए व खेती की शुरुआत की गई।

वैसे देखा जाए तो दुनियाभर मे चाय की कई अलग-अलग किस्मे पाई जाती है जो अपने सेहतमंद गुणो व स्वाद के लिए जाने जाते है। तो चलिए आज जानते है चाय के अलग-अलग प्रकारों व उनके फायदों के बारे मे

Green Tea 

health benefits of green tea

ग्रीन टी (हरी चाय) को एक सेहतमंद चाय के रूप मे जाना जाता है। इसकी शुरुआत चीन मे हुई थी लेकिन health benefits के कारण पूरी दुनिया मे जानी जाती है। ग्रीन टी को कैमेलिया साइनेसिस (camellia sinensis) नामक पौधो की पत्तियों से बनाया जाता है। जिसमे चाय को कम ऑक्सीकरण के तहत बनाया जाता है। इसके लिए बागानो से ताजी पत्तियों को तोड़कर पहले गरम किया जाता है ताकी एंजाइम निष्क्रिय हो जाए व ऑक्सीकरण कम हो।

इस चाय को बनाने मे यह ध्यान दिया जाता है की ज्यादातर एंटी-ऑक्सीडेंट बरकरार रहें।

कई लोग को शिकायत रहती है की ग्रीन टी पीने के बाद नींद कम आती है। इसका कारण यह है की इसमे कैफीन की थोड़ी मात्रा होती है।

Yellow Tea 

Different tea types and there benefits

पीली चाय एक दुर्लभ और महगीं किस्म की चाय है, इसे चीन और जापान मे ज्यादा पाया जाता है। पीली चाय को बनाने की प्रक्रिया ग्रीन टी की तरह ही है लेकिन इसे बनाने के लिए ग्रीन टी मुकाबले थोड़ा ज्यादा प्रोसेसिंग की जरूरत होती है। प्रोसेस के बाद जब इस चाय की पत्तियों को सुखाया जाता है तो उसका रंग हल्का पीला हो जाता है। इसके अलावा येल्लो टी ग्रीन टी के मुकाबले taste मे ज्यादा मधुर होता है

yellow tea लीवर के लिए बेहद फायदेमंद होता है इसलिए इसे लीवर से जुड़े रोग जैसे हेपेटाइटिस के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा ये डायबटीज़ व वजन को बढ़ाने से रोकता है। 

Black Tea

Different tea types and there benefits

काली चाय बनाने के लिए उत्पादन प्रक्रिया मे चाय की पत्तियों का ऑक्सीकरन किया जाता है। यह चाय ओलोंग, व्हाइट और ग्रीन टी के मुकाबले ज्यादा ऑक्सीकृत व स्वाद मे दूसरो से ज्यादा strong होती है। इस चाय की पत्तियों को सबसे पहले हवा मे सुखाया जाता है इसके बाद ही ऑक्सीकरन की प्रोसेसिंग होती है। ऑक्सीकरन के कारण ही काली चाय को इसका रंग व स्वाद मिलता है।

सभी चाय की तुलना मे इसका आक्सीकरण अच्छा होता है। इसमे flavonoids होता है जो दिल के लिए अच्छा होता है। कुछ शोध कहते है की रोज black tea पीने से दिल की बीमारियों को दूर किया जा सकता है। 

White Tea

Different tea types and there benefits

सफेद चाय दूसरो के मुकाबले सबसे अलग होती है। इसे बनाने के लिए हाथो का प्रयोग किया जाता है व पौधो की नई पत्तियों को पूरी तरह विकसित होने से पहले ही तोड़ लिया जाता है। चाय प्रोसेसिंग मे पत्तियों का कम ऑक्सीकरण किया जाता है पत्तियों का ऑक्सीकरण कम हो इसके लिए गर्मी या भाप का इस्तेमाल किया जाता है।

इसमे anti-aging के गुण पाए जाते है जो स्किन को soft बनाते है जिसके कारण चेहरा जवा नजर आता है। इसके अलावा बालो को भी बढ़ने मे मदद करते है। 

Oolong Tea

 benefits of tea

ओंलोंग चाय चाइना की पारंपरिक चाय है इसे बनाने के लिए चाय के पौधो को उत्पादन से पहले 2 से 4 घंटो तक सुखाया जाता है उसके बाद आंगे की प्रक्रिया शुरू होती है। ओंलोंग की तुलना फल व फूलो के स्वाद व खुसबू से की जाती है।

इसमे कैफीन की अच्छी मात्रा मे होती है जो शरीर के तंत्रिका तंत्र व मांसपेशिओ को उत्तेजित करने का करते है। ये दिल की बीमारियों, मधुमेह व कैसर के लिए अच्छा माना गया है। 

ध्यान रखे दिन मे Oolong Tea का सेवन एक या दो कप से ज्यादा न करे। इसका ज्यादा सेवन घातक हो सकता है। 

Lemon Tea 

tea types

लेमन टी आम तौर पर ब्लैक टी या फिर ग्रीन टी से बनाया जाता है। इसके लिए सिर्फ नीबू रस की कुछ बूंदे ब्लैक या ग्रीन टी मे मिला दी जाती है। नीबू रस मिलाने से इसकी गुणवत्ता कई गुना बढ़ जाती है। 

lemon tea मे विटामिन सी की मात्रा बहुतायत रूप मे होती है जो लीवर को साफ करती है व शरीर से toxins को बाहार निकालती है। इसके अलावा ये हमारे पाचन को भी तंदुरुस्त रखती है। 

Rose Tea 

what is rose tea

rose tea किसी प्रकार की चाय नही है आप इसे किसी तरह का आयुर्वेदिक पेय कह सकते है। इसे बनाने के लिए गुलाब की पंखुड़ियों का उपयोग किया जाता है। गुलाब की पंखुड़ियों से बनी इस चाय मे एंटीओक्सीडेंट की मात्रा भरपूर रूप से होती है।

कहा जाता है की rose tea महिलाओ के पीरियड्स मे होने वाले दर्द को कुछ कम कर देता है व हमारे पाचन को भी दुरुस्त रखता है। जिसके कारण वजन कम करने मे भी सहायक होती है। इसमे कैलोरी नही होता विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत माना जाता है।

Matcha Tea

benefits of matcha tea

असल मे यह चाय green tea के पत्तियों का पाउडर है जिसे एक अलग तरह के processing के बाद बनाया जाता है। matcha को बनाने के लिए पत्तियों को छाव मे उगाया जाता है। matcha tea को उगाने के लिए तीन हफ्ते पहले से ही तैयारिया शुरू करनी पड़ती है। कहा जाता है की एक कप matcha tea मे लगभग 10 कप green tea के बराबर ऑक्सीकरण होता है।

matcha दूसरे प्रकार की चाय से strong इसलिए होता है क्योकी इसमे चाय की पत्तियों का पाउडर होता है जबकी हम दूसरे type of tea मे चाय की पत्तियों को उबालकर पीते है।

Puer Tea

Different tea types and there benefits

यह एक औषधीय गुणो से भरी हुई व सबसे अलग अनोखे स्वाद के कारण पहचानी जाती है। आम तौर पर चाय को बनाने के लिए fresh पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है पर puer tea मे थोड़ी पुरानी और बड़ी पत्तियों का इस्तेमाल किया जाता है। इन पत्तियों को कई सालो तक store करके रखा जाता है किसी वाइन की तरह जिनमे समय के साथ microflora और bacteria उत्तपन्न हो जाते है। किसी शराब की तरह ये भी जितनी पुरानी होगी उतनी ज्यादा अच्छी होगी। कभी-कभी ये चाय 30 साल पुरानी भी होती है इसलिए इनकी कीमत ज्यादा होती है। 

puer tea मे कैफीन की मात्रा बहोत कम होती है इसके अलावा ये शरीर के कोलेस्ट्रॉल को कम करने मे भी मदद करता है। 

veerendra

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