Interesting fact about indian currency

आज इस article मे हम indian currency के बारे मे बात करने वाले है। पैसा एक ऐसी चीज चीज है जिसकी चाह हर इंसान को होती है। सभी ज्यादा से ज्यादा पैसा कामाना चाहते है पर पैसो के बारे मे जानना कोई नही चाहता ऐसी बात नही है की हम इनसे पूरी तरह अनजान है। पर कई बाते ऐसी है जो कम लोगो को पता है और एक भारतीय नागरिक होने के नाते इनकी जानकारी रखना जरूरी है। तो चलिये जानते है indian currency के बारे मे कौन सी है वो बातें और इनके बारे मे कितना जानते है आप

Interesting fact about indian currency

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हर नोट पर होती है खास तस्वीर

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हर indian currency के नोट पर गाँधी जी के अलावा किसी जानवर, प्रक्र्ती, भारत की आधुनिकता या फिर इतिहास से जुड़ी हुई तस्वीरे शामिल होती है। जैसे की 20 रुपये के नोट पर आपको अंडमान आइलैंड की व 10 रुपए के नोट मे हाथी, गेंडा और शेर देखने को मिलता है। जबकी 100 रुपये के नोट मे पहाड़ और बादल है इसके अलावा पुराने 500 के नोट मे दांडी यात्रा की मूर्ति की तस्वीर छापी गई थी जबकी आज के नए 500 के नोटो मे दिल्ली का लाल किला दिखाई देता है। ये दोनों ही दिल्ली मे उपस्थित है वही 2000 रुपये के नोट मे मंगल यान दिखाई देता है।

नोट मे लिखी होती है 17 भाषाए

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भारतीय नोट पर हिन्दी और अंग्रेजी को मिलाकर कुल 17 भाषाए लिखी होती है। इन भाषाओ मे हिन्दी, अंग्रेजी, असमी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलगु, और उर्दू शामिल होते है।

फटा नोट बेकार नही होता

 

indian currency

अगर गलती से किसी ने आपका नोट फाड़ दिया है तो घबराने की जरूरत नही है। रिजर्व बैंक के अनुसार अगर आपके पास नोट का 51% हिस्सा है तो आप उसे अपने नजदीकी बैंक शाखा मे जाकर बदलवा सकते है।

1938 मे छापे थे 10,000 व 5000 के नोट

Demonetization के बाद जब सरकार ने 2000 के नए नोट लागू किए तो काइयो के मन मे तरह-तरह के सवाल थे। की इतने बड़े नोट का छुट्टा कैसे मिलेगा और भी बहोत कुछ। पर क्या आप जानते है की रिजर्व बैंक ने 1938 मे 10,000 के नोट छापे गए थे जिन्हे 1946 मे बंद कर दिये गए। इसके 8 साल बाद ही फिर से 1954 मे 10,000 के साथ ही 5000 के नोट छापे गए जो 1978 मे दोबारा बंद कर दिये गए।

सिक्को से बनती थे ब्लेड

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एक समय ब्लेड को बनाने के लिए बांग्लादेश मे सिक्को की तस्करी बड़े पैमाने पर होती थी। क्योकी पाँच रुपये के एक सिक्के से छ: ब्लेड बनाए जा सकते थे और एक सिक्के की कीमत दो रुपये थी जिससे तस्करो को बड़ा फायदा होता था। इसके बाद से ही सरकार ने सिक्को को बनाने मे इस्तेमाल होने वाला मेटल बादल दिया। इसीलिए आज के सिक्को मे अन्तर देखने को मिलता है।

कहाँ होती है indian currency की छपाई

भारतीय नोटो की छपाई देवास, नासिक, मैसूर आर सालबोनी के प्रिंटिंग प्रेस मे होती है जबकी सिक्को की ढलाई मुंबई, नोएडा, कोलकाता और हैदराबाद मे होती है। सबसे मजेदार बात तो यह है की नकली नोटो की छपाई भी इन्ही जगहो मे तेजी से हो रही है।

veerendra

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