largest dams in India || भारत के पाँच सबसे बड़े बाँध कौन से है?

largest dams in India – पानी हमारे मूलभूत इकाइयो मे से एक है शायद इसीलिए प्राचीन समय से ही लोगो ने इसे एकत्रित करना सीख लिया था। कितने ही राजे-रजवाड़े हुए जिन्होंने अनगिनत बाबड़ीया व तालाबो का निर्माण कराया समय के सांथ आधुनिकता के कारण हमने कई डैम का भी निर्माण किया ताकी ज्यादा से ज्यादा पानी एकत्रित किया जा सके। आज भारत की आधी से ज्यादा जनसंख्या खेती पर निर्भर है इसलिए भी यहाँ पानी का महत्व काफी बढ़ जाता है। आज भारत मे 4000 से कही ज्यादा Dams उपलब्ध है जो निरंतर पानी की आपूर्ती को पूरा करते है।

Dams आकार मे इतने बड़े होते है की ये tourist का खास attraction बन जाते है और कई तरह के आय का स्त्रोत भी बनाते है। आज इस article मे हम भारत के सबसे बड़े डैम (largest dams in India) के बारे मे बात करने वाले है पर क्या आप जानते है Kallanai Dam भारत सबसे पुराना बांध है।

Largest Dams in India

Tehari Dam ( Uttarakhand )

टिहरी डैम भारत का सबसे बड़ा डैम है जिसे स्वामी रामतीर्थ सागर बाँध के नाम से भी जाना जाता है इसकी ऊँचाई 855 फीट व लम्बाई 1886 फीट है। ऊँचाई के आधार पर देखें तो यह दुनिया का आंठवा सबसे ऊँचा बांध है और top 10 largest dams मे शामिल है। टिहरी बाँध को भागीरथी नदी मे बानाया गया है जी की उत्तरांचल मे स्थित है जिसे वर्तमान मे हम उत्तराखंड के नाम से जानते है। टेहरी बांध लगभग 2,100,000 acre ft के क्षेत्र मे फैला हुआ है

टिहरी डैम का निर्माण काल सन 1978 मे शुरू हुआ था जिसे बनाने मे US $2 billion की लागत आई थी इसे साल 2006 मे खोला गया था। इस बांध के पानी का मुख्य उपयोग सिचाई व municipal water supply के लिए किया जाता है इसके अलावा यह 1000 मेगावाट की बिजली भी उत्पादन कर सकता है।

Bhakra Dam ( Himachal Pradesh )

भाखड़ा डैम एक concrete gravity dam है जिसकी तुलना USA’s largest Oroville Dam (770 फीट) से की जाती है, इस बाँध को सतलज नदी मे बनाया गया है जो की बिलासपुर हिमांचल प्रदेश मे स्थित है। भाखड़ा डैम की ऊँचाई 141 फीट और लम्बाई 1700 फीट है जो इसे भारत का दूसरा सबसे ऊँचा बाँध बनाता है। भाखड़ा डैम के जलसंग्रह या जलाशय को गोबिंद सागर कहा जाता है क्योकी इसे सिक्खो के दसवे गुरु गुरु गोविंद सिंह को समर्पित किया गया है जो की 166 km के दायरे मे फैला हुआ है।

गोबिंद सागर भारत का तीसरा सबसे बड़ा जलाशय है पहले नंबर पर इंदिरा सागर बांध और दूसरे नंबर पर  नागार्जुनसागर बांध आते है। भाखड़ा बाँध का निर्माण कार्य आजादी के बाद 1948 मे शुरू किया गया था जो 1963 के पहले तक तैयार हो गया था क्योकी इस बाँध को भाखड़ा नाम के गाँव मे बनाया गया था इसीलिए इसे भाखड़ा बाँध कहते है।

बाँध निर्माण की शुरुआत उस समय के प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने पहली बाल्टी कोंक्रीट डालकर की थी और कहा था की “यह बाँध भारत के लोगो व आने वाली पीढ़ियो के लिए एक उपहार है”

Sardar Sarovar Dam ( Gujarat )

सरदार सरोवर डैम भारत का तीसरा सबसे ऊँचा बाँध है इसकी ऊँचाई 535 फीट व लम्बाई 3970 फीट है। अगर लम्बाई के आधार पर देखा जाय तो यह भारत का तीसरा सबसे बड़ा बाँध बन जाता है। सरदार सरोवर बाँध एक gravity बाँध है जिसे नर्मदा नदी मे बनाया गया है जो की गुजरात मे नवगम के पास स्थित है। यह बाँध हमेशा से विवादो मे रहा है इसके निर्माण काल से ही लगातार विरोध होते रहे है अलग-अलग मुद्दो को लेकर। कहा जाता है की सरदार सरोवर बाँध को बनाने का उद्देश्य सूखे ग्रस्त इलाक़ो मे पानी पहुचाना व मध्यप्रदेश मे बिजली की पूर्ती करना है।

सरदार सरोवर का निर्माण काल साल 1987 मे शुरू हुआ था हालाकी कहा जाता है की पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इसकी नीव 1961 मे ही रख दी थी। निर्माण काल के दौरान कई बार इसकी ऊँचाई को बढ़ाया गया जो शुरुआत मे 260 फीट की थी। निर्माण 2016-17 तक चला जिसे 17 सितंबर 2017 को चालू कर दिया गया। वर्तमान मे सरदार सरोवर बाँध से चार भारतीय राज्य, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान पानी और बिजली की आपूर्ति करते हैं।

Nagarjuna Sagar Dam ( Telangana )

नागार्जुन सागर डैम भारत का चौथा सबसे ऊँचा बाँध है इसकी ऊँचाई 407 फीट व लम्बाई 5085 फीट है जो लम्बाई के आधार पर इसे भारत का दूसरा सबसे बड़ा बाँध बनाती है। नागार्जुन सागर बाँध को कृष्णा नदी पर बनाया गया है जो की तेलंगाना के नालगोंडा जिले मे स्थित है। यह बाँध बिजली उत्पादन के साँठ नालगोंडा, सूर्यपेट, कृष्णा, खम्मम, पश्चिम गोदावरी, गुंटूर और प्रकाशम जिलो को सिचाई के लिए पानी देता है। नागार्जुन सागर डैम मे बनने वाला जलाशय नागार्जुन सागर के नाम से जाना जाता है यह यह इंदिरा सागर के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा जलाशय है।

नागार्जुन सागर डैम को बनाने की परियोजना ब्रिटिश सरकार ने की थी जिसके नीव आजादी के बाद 10 दिसम्बर 1955 मे तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने रखी थी। बाँध का निर्माण काल 1955 से 1967 तक चला और 4 अगस्त 1967 को भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरागांधी ने बाँध का पानी छोडकर शुभारंभ किया। कहा जाता है की इस बाँध के निर्माण मे 132.32 करोड़ रुपए लगे थे।

Hirakud Dam ( Odisha )

हीराकुड बाँध को महानदी के ऊपर बनाया गया है जो की सम्बलपुर से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, सम्बलपुर ओड़ीसा राज्य का एक शहर है जिसे City of Culture, Handloom City, City of Textiles, Diamond city of India जैसे कई नामो से जाना जाता है। हीराकुड बाँध की ऊँचाई 200 फीट व लम्बाई 25 km है जिसमे से मुख्य बाँध की लम्बाई 4 किलोमीटर बताई जाती है। बाँध के दोनों तरफ दो मीनारे बनाई गई है जिसे गांधी मीनार व नेहरू मीनार के नाम से जाना जाता है।

जब 1936 मे बाढ़ आया तो Sir M. Visveswararya ने बाँध बनाने का प्रस्ताव सबसे पहले रखा था आंगे 15 मार्च 1946 मे ओड़ीशा के गवर्नर Hawthorne Lewis ने इसका शिलान्यास किया। इसके बाद जब आजादी मिली तो 1947 मे सरकार को यह परियोजना सौप दी गई, इसकी शुरुआत दोबारा पंडित नेहरू द्वारा कांक्रीट रखकर 12 अप्रैल 1948 को किया गया जो 1957 तक बनकर तैयार हो गया और पंडित जवाहर लाल नेहरू द्वारा ही इसका उद्घाटन किया गया।

FAQS

Q1 – bharat ka sabse bada bandh ?

Answer – Tehri Dam Uttarakhand

Q2 – tehri dam height ?

Answer – 260.5 m (855 ft)

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