Movie Review- Sonchiriya जानिए चंबल के डाकुओ की कहानी

sonchidiya movie review

Movie Review  Sonchiriya ( सोनचिड़िया )

Star Cast – Bhumi Pednekar, Sushant singh Rajput, Ashutosh Rana, Manoj Bajpai, Ranvir Shorey, Mahesh Balraj

Directore – Abhishek Chaube

Movie Type – Drama, Action, Crime

Rating – 3.5 / 4 

चंबल के बीहड़ डाकुओ के कारण बहोत लंबे समय से बदनाम होतीं रही है और इसी की कहानी लेकर हम सब के सामने हाजिर हुए है अभिषेक चौबे। नब्बे के दशक मे आपने जीतने भी डाकुओ वाली फिल्मे देखी होंगी ये उन सब मे थोड़ा हटके है और वास्तविकता से रूबरू कराता है। अभिषेक ने सोनचिड़िया के जरिये डकैतो की भागदौड़ वाली जिंदगी उनकी सोच को आपके सामने लाने की कोशिस की है। तो चलिए एक नजर डालते है सोनचिड़िया के movie review पर

Story

फिल्म की कहानी है डकैत या बागी मान सिंह (मनोज बाजपई) के गैंग पर जो की एक अन्धविश्वासी है व भगवान को मानता है। इसकी गैंग मे शामिल है दो मुख्य किरदार लाखन (सुशांत सिंह राजपूत) और वकील सिंह (रणवीर सौरी) जिनके व्यक्तित्व अलग-अलग है। लाखन अपनी परिस्थियों को देखकर अपने साथियो के साथ आत्म समर्पण की भी सोचता है। दूसरी तरफ है पूलिस वाला दारोगा गुर्जर सिंह (आसूतोष राणा) जो चंबल की इन बीहडो को साफ करना चाहता है मान सिह के गैंग को ख़त्म करना चाहता है। फिल्म मे बागियो की जिंदगी मे उथल-पुथल तो होती ही है लेकिन जब इंदुमती तोमर (भूमी पेड़नेकर) की entry होती है तो कहानी मे मोड आ जाता है। आंगे क्या होता है इसके लिए आपको फिल्म देखनी चाहिए।

Acting

मनोज बाजपाई कमाल के अभिनेता है उन्होने कई बार साबित किया है और यहाँ भी उन्होने अपने किरदार को जीवित कर दिया है हालाकी फिल्म मे वे लंबे समय नही दिखाई देते। सुशांत सिंह राजपूत अपनी पूरानी फिल्मों से बिलकुल हटकर लगते है यह कहा जा सकता है की यह उनकी best performance थी। आसूतोष राणा दरोगा के रूप मे एकदम perfect है मानो ये रोल उनके लिए ही बना हो इसके अलावा उनकी आवाज दमदार है, मध्यप्रदेश के निवासी होने के नाते उन्हे भाषा पकड़ने मे दिक्कत नही आई होगी। रणवीर सौरी भी अपने अभिनय से आपको कायल कर देंगे वे जबरजस्त है। भूमी पेड़नेकर ने भी इसके लिए बहोत मेहनत की है यह साफ झलकता है उन्होने बेहतरीन अभिनय किया है।

Directing

फिल्म सोनचिड़िया मे अभिषेक चौबे जो अपने दर्शको को दिखाना चाहते थे वे उसमे पूरी तरह से सफल हुए है, इनके direction मे कही भी कमी देखने को नही मिलती। हालाकी कही-कही डार्क सीन आपको बिचलित करते है पर फिल्म की माँग के हिसाब से वे ठीक है। अभिषेक ने चंबल का जो चेहरा दर्शको को पेश किया है वह बहोत real लगता है। जो पूराने फिल्मों के दृशयों को धूमिल करते है।

इसकी कहानी को अभिषेक और सुदीप शर्मा ने मिलकर लिखी है जो डकैतो के जीवन के सांथ-सांथ जाती भेदभाव व वर्ग को ऊपर उठती है। इसकी काहानी दर्शको को आखिर तक बाधे रखती है हालाकी कुछ लोगो को ये थोड़ी लंबी लग सकती है।

हाँ / ना

यह फिल्म आपको बहोत पसंद आएगी और बिलकुल भी निराश नही करेगी। आपको कुछ ना कुछ सीखने को मिलेगा और आपका नजरिया भी थोड़ा बदलेगा। यह फिल्म शायद उनको ज्यादा पसंद ना आए जो सिर्फ रोमांटिक फिल्मों का शौक रखते है।

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