Top 10 largest cities in madhya pradesh by population

मध्यप्रदेश मे top 10 सर्वाधिक जनसंख्या वाला शहर

मध्यप्रदेश को भारत का दिल कहा जाता है क्योकी यह हमारे देश के बीचों बीच स्थित है। यह प्रदेश भी भारत की आधुनिकता मे बराबर की भागीदारी के लिए तेजी से कदम बढ़ा रहा है व लोगो के लिए रोजगार उपलब्ध करा रहा है। लेकिन सोचने की बात यह है की आधुनिकता के सांथ-सांथ बढ़ती जनसंख्या एक समस्या है। कही ना कही यही जनसंख्या बृद्धी महगाई और हमारे आने वाले कल को निर्धारित करती है।

आज हम आपको इस post मे बताने वाले है मध्यप्रदेश के सबसे ज्यादा आबादी वाले टॉप 10 शहरो के बारे मे। क्योकी शहरो की यह जनसंख्या रोजगारो, आधुनिकता व होने वाले अपराधो व कई चीजों को उजागर करती है। तो चलिए जानते है भारत के 10 ज्यादा आबादी वाले शहर

Top 10 largest cities in madhya pradesh by population

इंदौर

जनसंख्या मे दृष्टी मे मध्यप्रदेश का सबसे आबादी वाला शहर इंदौर है इसके अलावा यह इस प्रदेश का सबसे बड़ा शहर भी है। इंदौर की जनसंख्या 2011 के अनुसार 2,167,447 थी जो अब लगभग 40 लाख के बराबर हो चुकी होगी। 530 square kilometer के दायरे मे फैला यह शहर भारत का सबसे साफ शहर है। यहाँ हिन्दी, english और मालवी मुख्य रूप से बोली जाती है। इंदौर मे रहने वाले लोगो को इंदौरी कहा जाता है।

भोपाल

भोपाल मध्यप्रदेश का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है इसकी जनसंख्या 2011 मे हुई जनगढ़ना के अनुसार 1,883,381 थी जो वर्तमान मे अनुमानित 23 लाख के आसपास होगी। भोपाल वर्तमान मे मध्यप्रदेश की राजधानी है व इसे lake city भी कहा जाता है। लगभग 283 square kilometer के क्षेत्र मे फैला भोपाल प्राकृतिक सम्पदा का धनी है, यहाँ हिन्दी व english बोली जाती है व यहाँ पर रहने वाले लोगो को भोपाली कहा जाता है।

जबलपुर

तीसरे नंबर पर आता है जबलपुर जिसकी आबादी 2011 के अनुसार लगभग 1.267,564 थी। कुछ आँकड़ो के अनुसार 2019 मे जबलपुर की जनसंख्या लगभग 15 से 20 लाख के आसपास होगी। जबलपुर लगभग 374 square किलोमीटर के क्षेत्र मे फैला हुआ है और यहाँ हिन्दी, इंग्लिश और बघेली खास तौर पर बोली जाती है। इसके अलावा जबलपुर को मध्यप्रदेश की संस्कारधानी भी कहा जाता है।

ग्वालियर

मध्यप्रदेश का चौथा सर्वाधिक जनसंख्या वाला शहर ग्वालियर है इसकी कुल आबादी 2011 मे 1,101,981 थी। ग्वालियर 604 स्क्वेयर किलोमीटर के क्षेत्र मे फैला हुआ एक खूबसूरत शहर है, यहाँ बने हुए ऐतीहासिक किलो को देखने के लिए देश ही नही विदेशो से भी पर्यटक खिचे चले आते है। इस शहर की बोलचाल मे हिन्दी व अंग्रेजी भाषा का प्रयोग बहुतायत होता है।

उज्जैन

आबादी के क्षेत्र मे मध्यप्रदेश का पाँचवा सर्वाधिक जनसंख्या वाला शहर उज्जैन है। यहाँ की आबादी 2011 के अनुसार लगभग 515,215 थी जो आज 9 से 10 लाख के आसपास होगी। उज्जैन को प्रदेश की पवित्र नगरी कहा जाता है क्योकी यहा भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग मे एक स्थापित है। माना जाता है की इस शहर का इतिहास बहोत पुराना है जो कभी राजा विक्रमादित्य के राज्य की राजधानी हुआ करती थी।

सागर

सागर प्रदेश की छठवी सर्वाधिक आबादी वाला शहर है जो लगभग 50 स्केवर किलोमीटर के दायरे मे फैला है। इस शहर की आबादी 2011 मे हुए जनगढ़ना के अनुसार 370,296 थी। यह पूरा शहर बंजारा झील के किनारे बसा हुआ है जिसे लगभग 1660 मे गाँव के रूप मे बसाया गया था जो आज शहर बन चुका है। इसका असली नाम सौगढ़ है जिसमे सौ = 100 और गढ़ का मतलब है किले, जाहिर है यहा बहोत से छोटे-छोटे किले रहे होंगे।

देवास

सागर के बाद अगले नंबर पर है देवास जो मध्य प्रदेश का सातवा घनी आबादी का शहर है। जनगढ़ना साल 2011 के अनुसार इसकी आबादी 289,438 थी आज की बात की जाय तो वर्तमान मे अनुमानित इसकी संख्या 4 से 5 लाख तक आंकी जा सकती है। देवास लगभग 50 square kilometer के दायरे मे फैला हुआ है व इंदौर से 35 किलोमीटर दूर स्थित है। यहाँ बोली जाने वाली मुख्य भाषा हिन्दी व मालवी है।

सतना

मध्यप्रदेश का आठवां सर्वाधिक जनसंख्या वाला शहर है सतना जिसकी आवादी साल 2011 के अनुसार 283,004 आँकी गई थी। वर्तमान मे इसकी संख्या देवास के लगभग बराबर ही होगी। सतना मे बोली जाने वाली मुख्य भाषाओ मे हिन्दी व बघेली शामिल है। इस शहर को देश मे यहा उत्पादित सीमेंट के कारण जाना जाता है क्योकी इस क्षेत्र मे चुना पत्थर बहुतायत मात्रा मे निकालते है। इसके अलावा यहाँ की साक्षरता रेट 86 प्रतिशत है।

रतलाम

नौवे नंबर पर है रतलाम जिसकी आबादी 2011 के जनगढ़ना मे 273,892 बताई गई थी। कहा जाता है की रतलाम के पहले राजा महाराज रत्न सिह थे जिसके कारण यहा का नाम रतलाम पड़ा। रतलाम मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र मे स्थित है और लगभग 50 square किलोमीटर के दायरे मे फैला हुआ है। यहाँ बोली जाने वाली भाषाओ मे हिन्दी व मालवी शामिल है व यहा निवास करने वाले लोगो को रतलामी कहा जाता है। रतलाम की साक्षरता दर 87 प्रतिशत है।

रीवा

इस top 10 की लिस्ट मे सबसे आखरी स्थान पर है रीवा, यह मध्यप्रदेश का दशवां सर्वाधिक population वाला शहर है जिसकी आवादी 2011 के अनुसार 235,422 आंकी गई थी। रीवा को मुख्यता सफ़ेद बाघ और यहा के प्राकृतिक झरनो के कारण जाना जाता है। रीवा मे मुख्यता बोलने के लिए हिन्दी व बघेली भाषा का प्रयोग सबसे ज्यादा किया जाता है व यहाँ की साक्षरता दर 87 प्रतिशत है।

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